झबरेड़ा 7 मार्च। कस्बे में विकास के मुख्य बाजार और सार्वजनिक स्थलों पर उचित सुलभ शौचालय की व्यवस्था न होने के कारण स्थानीय व्यापारियों, ग्राहकों और दूर-दराज से आने वाले राहगीरों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

नगर पंचायत झबरेड़ा में विकास के बड़े-बड़े दावों के बीच एक बुनियादी समस्या आज भी जस की तस बनी हुई है। कस्बे के मुख्य बाजार और सार्वजनिक स्थलों पर उचित सुलभ शौचालय की व्यवस्था न होने के कारण स्थानीय व्यापारियों, ग्राहकों और दूर-दराज से आने वाले राहगीरों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। बाजार में खरीदारी के लिए आने वाली महिलाओं के लिए स्थिति सबसे अधिक कष्टदायक है। शौचालय की उचित सुविधा न होने के कारण उन्हें घंटों परेशान होना पड़ता है। लोगों का कहना है कि कस्बे का विस्तार तो हो रहा है, लेकिन मूलभूत नागरिक सुविधाओं पर ध्यान नहीं दिया जा रहा। राहुल, प्रदीप, कुलदीप, बीरम सिंह, विनोद ,सुलेमान, अक्षय ,चरण सिंह, अमित,सोनू, अकरम आदि का कहना है कि बाहर से आने वाले ग्राहकों को शौचालय के लिए इधर-उधर भटकना पड़ता है। बाजार में गंदगी बढ़ रही है क्योंकि लोग खुले में पेशाब करने को मजबूर हैं। क्योंकि कस्बे में एक ही सुलभ शौचालय है जिस पर पूरे कस्बे व राहगीरों का लोड रहता है जिसमें खड़ा तक नहीं हुआ जाता। कई बार नगर पंचायत से शिकायत की गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। झबरेड़ा कस्बा तथा आसपास के ग्रामीण क्षेत्र का एक महत्वपूर्ण व्यापारिक केंद्र है, जहाँ आसपास के दर्जनों गांवों के लोग आते हैं। यहाँ एक आधुनिक सुलभ शौचालय का होना अनिवार्य है ताकि स्वच्छता अभियान का असली लाभ मिल सके। एक ओर सरकार ‘स्वच्छ भारत मिशन’ के तहत घर-घर शौचालय और सार्वजनिक स्वच्छता पर जोर दे रही है, वहीं झबरेड़ा जैसे महत्वपूर्ण कस्बे में इस सुविधा का अभाव प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान खड़ा करता है। इसीलिए कस्बावासियों में भारी रोष व्याप्त है। नगर पंचायत अधिशासी अधिकारी हर्षवर्धन सिंह रावत का कहना है कि कस्बे के बाजार या आस-पास कोई सरकारी भूमि नहीं है जिसमें हम शौचालय का निर्माण कर सकें परंतु नगर पंचायत जल्द ही पुराने शौचालय का पुनः निर्माण करा कर उसको बड़ा आकार देगी जिससे लोगों को काफी राहत मिलेगी।





