झबरेडा 27 फरवरी। प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य सुनील दीक्षित के अनुसार, इस वर्ष होली के पर्व पर खगोलीय घटना यानी चंद्र ग्रहण का प्रभाव देखने को मिलेगा। ग्रहण के सूतक काल और तिथियों के फेरबदल के कारण त्योहार की व्यवस्था में कुछ बदलाव किए गए हैं। श्रद्धालुओं और आम जनमानस की सुविधा के लिए होलिका दहन और व्रत पूर्णिमा इस वर्ष होलिका दहन 2 मार्च 2026, सोमवार को किया जाएगा। दहन का शुभ समय रात्रि 8:30 बजे निर्धारित है। इसी दिन सत्यनारायण व्रत की कथा और पूजन करना शास्त्र सम्मत होगा और 3 मार्च 2026, मंगलवार को चंद्र ग्रहण लगेगा। ग्रहण का समय प्रारंभ दोपहर 3:20 शाम और समाप्ति शाम 6:47 पर होगी। ग्रहण के सूतक काल के कारण मंदिरों की व्यवस्था में बदलाव रहेगा। 3 मार्च को कपाट बंद प्रातः 6:20 सुबह पर और कपाट शाम 7:00 बजे खुलेंगे। रंगों की होली ग्रहण के अगले दिन, यानी 4 मार्च 2026, बुधवार को हर्षोल्लास के साथ रंग और गुलाल वाली होली मनाई जाएगी। उन्होंने बताया कि ग्रहण काल के दौरान भजन-कीर्तन और जप का विशेष महत्व होता है। मंदिर बंद रहने के समय भक्त अपने घरों में मानसिक जाप कर सकते हैं।






