
झबरेडा 5 मार्च। गांव झबरेडी कलां से एक बेहद चौंकाने वाली और रहस्यमयी खबर सामने आ रही है। ग्रामीणों और सूत्रों के हवाले से चर्चा है कि बहुल सिंह के पुत्र, सुरेश पाल महात्मा ने आसफनगर झाल में ‘जल समाधि’ ले ली है। इस खबर के फैलते ही क्षेत्र में हड़कंप मच गया है और भारी संख्या में लोग घटनास्थल की ओर दौड़ पड़े हैं। परिजनों और ग्रामीणों का कहना है कि सुरेश पाल का झुकाव बचपन से ही वैराग्य की ओर था। उसने कम उम्र में ही घर-बार त्याग दिया था और पनियाला मंदिर को अपना निवास स्थान बना लिया था। क्षेत्र में उन्हें एक शांत और सिद्ध महात्मा के रूप में जाना जाता था। सूचना मिलने के बाद से ही स्थानीय स्तर पर तलाश जारी है, लेकिन अभी तक महात्मा का शव बरामद नहीं हुआ है सोशल मीडिया और गांवों की चौपालों पर यह घटना चर्चा का केंद्र बनी हुई है। अनुयायियों और ग्रामीणों की निगाहें अब नहर के किनारे टिकी हैं। शव न मिलने के कारण आधिकारिक रूप से पुष्टि होना शेष है। स्थानीय गोताखोर और ग्रामीण अपने स्तर पर खोजबीन में जुटे हैं। थाना अध्यक्ष अजय शाह का कहना है कि उनको इस मामले की कोई जानकारी नहीं मिली है जानकारी मिलने पर ही मामले में आगे की कार्यवाही की जाएगी।





