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झबरेड़ा 19 मार्च। झबरेड़ा थाना अब न केवल अपनी कार्यप्रणाली, बल्कि पुलिसकर्मियों की सुविधाओं के लिए भी चर्चा में है। पिछले दो दशकों से भीषण गर्मी और अव्यवस्थाओं के बीच टीनशेड में चल रही थाने की रसोई (मैस) अब इतिहास बन गई है। वर्तमान थानाध्यक्ष अजय शाह के विशेष प्रयासों से थाना परिसर में एक आधुनिक और भव्य ‘आदर्श रसोई’ का निर्माण कराया गया है, जिसका उद्घाटन बुधवार को हरिद्वार के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह ने फीता काटकर किया।

नवनिर्मित रसोई को किसी कॉर्पोरेट कैफेटेरिया की तर्ज पर तैयार किया गया है। जहाँ पहले पुलिसकर्मी खुले में या टीनशेड के नीचे बैठकर भोजन करते थे, अब उनके लिए
भोजन कक्ष में एसी और पंखे लगाए गए हैं। रसोई के मुख्य द्वार पर बड़ा शीशे का दरवाजा लगाया गया है।

खास बात यह है कि इस पूरी रसोई का आधुनिक डिजाइन थाने में ही तैनात महिला उपनिरीक्षक प्रीति तोमर द्वारा तैयार किया गया है। 1945 से अब तक का सफर: एक ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
झबरेड़ा पुलिस का इतिहास काफी पुराना और उतार-चढ़ाव भरा रहा है। ब्रिटिश काल के दौरान सन 1945 में जब झबरेड़ा को नगर पंचायत घोषित किया गया, तब कस्बे के बीचों-बीच एक धर्मशाला में पुलिस चौकी की स्थापना की गई थी। कालांतर में इस चौकी को थाने में अपग्रेड किया गया। सन 2005 में सुरक्षा और विस्तार की दृष्टि से थाने को कस्बे के बीच से हटाकर झबरेड़ा-इकबालपुर मार्ग पर स्थानांतरित किया गया था हालांकि 2005 में आवासीय भवन तो बन गए, लेकिन पुलिसकर्मियों के भोजन के लिए मैस टीनशेड में ही संचालित होती रही। सिपाही और अधिकारी रसोई के बाहर सीमेंट की बेंचों पर बैठकर भोजन करने को मजबूर थे।

थानाध्यक्ष अजय शाह ने बताया कि जब उन्होंने थाने की कमान संभाली, तो रसोई की खस्ताहाल स्थिति देखकर उन्होंने इसे बदलने का संकल्प लिया था। उन्होंने टीनशेड को हटाकर एक ऐसी जगह बनाने का लक्ष्य रखा जहाँ पुलिसकर्मी तनावमुक्त होकर भोजन कर सकें। उनके इसी विजन का परिणाम आज ‘आदर्श रसोई’ के रूप में सामने आया है। उद्घाटन के अवसर पर एसएसपी नवनीत सिंह ने थाने का निरीक्षण भी किया और इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि पुलिसकर्मियों के कल्याण के लिए ऐसे प्रयास सराहनीय हैं उन्होंने झबरेडा थाना में नवनिर्मित आदर्श भोजनालय मॉडल अन्य स्थानों के लिए भी एक सीख का विषय है अन्य थानों के लिए भी इस तरह के कार्य कल्याणकारी हो सकते हैं। उद्घाटन के तुरंत बाद रसोई में भोजन बनाने का कार्य विधिवत रूप से शुरू कर दिया गया।




