झबरेड़ा 7 मार्च। कस्बा और इसके आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में शनिवार को विद्युत आपूर्ति पूरी तरह चरमरा गई। दिनभर बिजली की आवाजाही और अघोषित कटौती के कारण किसानों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। खासकर उन किसानों के लिए स्थिति अधिक चुनौतीपूर्ण रही, जो इन दिनों गेहूं की फसल की सिंचाई में जुटे हैं।

शनिवार सुबह से ही बिजली की सप्लाई सुचारु न रहने के कारण खेतों में लगे ट्यूबवेल बंद पड़े रहे। गेहूं की फसल इस समय अपनी महत्वपूर्ण अवस्था में है, जहाँ समय पर पानी न मिलने से पैदावार पर सीधा असर पड़ सकता है। यशवीर, रोहतास, योगेश त्यागी ,अमित ,सुखपाल ,कुलदीप, योगेंद्र, अनुज, विनोद ,चमन लाल, राजपाल, देवपाल आदि किसानों का कहना है कि बिना किसी पूर्व सूचना के घंटों बिजली गायब रही। गेहूं के खेतों में पानी न आने के कारण खेतों में बुलाए गए मजदूरों की दिहाड़ी भी बेकार गई। गेहूं की फसल को इस वक्त पानी की सख्त जरूरत है। अगर बिजली का यही हाल रहा, तो फसल सूख जाएगी। विभाग को कम से कम सिंचाई के समय तो फिक्स सप्लाई देनी चाहिए। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि बिजली घर पर संपर्क करने के बावजूद कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिलता। बार-बार ट्रिपिंग और अघोषित कटौती ने न केवल खेती, बल्कि आम जनजीवन और व्यापार को भी प्रभावित किया है। किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही विद्युत आपूर्ति में सुधार नहीं हुआ, तो वे बिजली घर का घेराव करने को मजबूर होंगे। उपखंड अधिकारी रिजवान अली का कहना है कि कस्बे मे जिन उपभोक्ताओं पर अत्यधिक विद्युत बिल बकाया चल रहा है उनके विद्युत कनेक्शन काट कर विद्युत मीटर उतारे जा रहे है जिस कारण विद्युत सप्लाई सुचारु नहीं हो पा रही है यह कार्य पूरा होते ही विद्युत सप्लाई सुचारु कर दी जाएगी।





