
झबरेड़ा 6 मार्च। कस्बे सहित ग्रामीण क्षेत्रों में रमजान माह के तीसरे जुमे की नमाज अकीदत और एहतराम के साथ अदा की गई। इस दौरान बड़ी संख्या में मुस्लिम समाज के लोगों ने मस्जिदों में एकत्र होकर खुदा की इबादत की और देश में अमन चैन तथा भाईचारे के लिए दुआएं मांगी।

झबरेडा कस्बे की ऐतिहासिक जामा मस्जिद और मुख्य बाजार स्थित मदरसा दारुल उल हक में नमाजियों का भारी जन समूह उमड़ा। जुमे की नमाज कारी इस्तकार अहमद द्वारा मुकम्मल कराई गई। नमाज के बाद खुतबा पढ़ते हुए उन्होंने रमजान के महत्व पर प्रकाश डाला। कारी इस्तकार अहमद ने बताया कि रमजान के पाक महीने में पड़ने वाले जुमे का विशेष महत्व है। इस महीने में इबादत करने से अल्लाह की खास रहमत बरसती है। इस्लाम हमें सिखाता है कि इबादत के साथ-साथ जरूरतमंदों और गरीबों की मदद करना भी अनिवार्य है। सच्चा मोमिन वही है जो दूसरों के दुख-दर्द में काम आए। नमाज के समापन पर सामूहिक रूप से हाथ उठाकर देश में अमन-चैन और खुशहाली की दुआ मांगी गई। सुरक्षा की दृष्टि से भी स्थानीय स्तर पर पुलिस और प्रशासन मुस्तैद रहा।




