झबरेड़ा 10 अगस्त। झबरेड़ा विधानसभा क्षेत्र में रोजगार का मुद्दा एक बड़ा मुद्दा है। क्षेत्र के शिक्षित और तकनीकी योग्यता रखने वाले बड़ी संख्या में युवा रोजगार की तलाश में दूसरे शहरों का रुख कर रहे हैं। युवाओं का कहना है कि पढ़ाई पूरी करने के बाद भी स्थानीय स्तर पर उनकी योग्यता के अनुसार रोजगार के पर्याप्त अवसर उपलब्ध नहीं हैं। इसके चलते कई युवा रुड़की, हरिद्वार, देहरादून, दिल्ली और अन्य महानगरों में नौकरी तलाशने को मजबूर हैं।

झबरेड़ा क्षेत्र के युवाओं का कहना है कि झबरेड़ा विधानसभा क्षेत्र में कृषि प्रमुख व्यवसाय है, लेकिन खेती पर पूरी तरह निर्भर रहना हर परिवार के लिए संभव नहीं है। बड़ी संख्या में युवा उच्च शिक्षा प्राप्त करने के बाद निजी कंपनियों, सरकारी विभागों और तकनीकी क्षेत्रों में नौकरी की तलाश करते हैं। स्थानीय स्तर पर सीमित अवसर होने के कारण उन्हें दूसरे शहरों में जाना पड़ता है। युवाओं का कहना है कि यदि विधानसभा क्षेत्र में छोटे-बड़े उद्योग, लघु उद्योग, कौशल प्रशिक्षण केंद्र और रोजगार से जुड़े संस्थान स्थापित किए जाएं तो स्थानीय युवाओं को अपने क्षेत्र में ही काम मिल सकता है। स्थानीय युवाओं ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से मांग की है कि समय-समय पर रोजगार मेले आयोजित किए जाएं। इनमें निजी कंपनियों और विभिन्न संस्थानों को बुलाकर स्थानीय युवाओं को सीधे रोजगार उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाए। इसके साथ ही युवाओं को कंप्यूटर, तकनीकी कार्य, इलेक्ट्रिशियन, मशीन संचालन, मोबाइल रिपेयरिंग, ड्राइविंग, डिजिटल सेवाओं और अन्य रोजगारपरक क्षेत्रों में प्रशिक्षण देने की भी जरूरत है। वहीँ क्षेत्रवासियों का कहना है कि झबरेड़ा विधानसभा में स्थानीय स्तर पर उद्योग और छोटे व्यवसाय बढ़ने से रोजगार के साथ-साथ क्षेत्र की अर्थव्यवस्था भी मजबूत होगी। इसके लिए सरकार और प्रशासन को निवेशकों को सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ युवाओं को स्वरोजगार के लिए आसान ऋण और प्रशिक्षण की जानकारी भी उपलब्ध करानी चाहिए। युवाओं का कहना है कि चुनाव के दौरान रोजगार एक प्रमुख मुद्दा रहता है, लेकिन चुनाव के बाद इस दिशा में ठोस पहल की जरूरत है। क्षेत्र के युवाओं की अपेक्षा है कि जनप्रतिनिधि सरकार के समक्ष स्थानीय रोजगार का मुद्दा मजबूती से उठाएं और झबरेड़ा विधानसभा में रोजगार के नए अवसर पैदा कराने की दिशा में पहल करें।यदि युवाओं को अपने ही क्षेत्र में सम्मानजनक रोजगार मिल जाए तो उन्हें परिवार से दूर दूसरे शहरों में जाने की आवश्यकता नहीं होगी। इससे ग्रामीण क्षेत्रों से होने वाला युवा पलायन भी कम किया जा सकता है। युवाओं की मांग है कि झबरेड़ा विधानसभा को केवल चुनावी वादों तक सीमित न रखते हुए रोजगार की ठोस कार्ययोजना तैयार की जाए। स्थानीय स्तर पर उद्योग, रोजगार मेले और कौशल विकास केंद्र स्थापित कर युवाओं को रोजगार से जोड़ने के प्रभावी प्रयास किए जाएं। क्षेत्रीय विधायक वीरेंद्र जाती ने कहा कि झबरेड़ा विधानसभा क्षेत्र के युवाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना हमारी प्राथमिकताओं में शामिल है। युवाओं को रोजगार के लिए दूसरे शहरों में पलायन न करना पड़े, इसके लिए क्षेत्र में उद्योगों और रोजगार के नए अवसर विकसित करने की आवश्यकता है। सरकार के समक्ष क्षेत्र में रोजगार मेले आयोजित कराने, कौशल विकास प्रशिक्षण बढ़ाने और स्थानीय युवाओं को रोजगार से जोड़ने का मुद्दा प्रमुखता से उठाया जाएगा। उन्होंने कहा कि युवाओं की योग्यता और कौशल के अनुसार उन्हें बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए हरसंभव प्रयास किए जाएंगे।





