झबरेड़ा, 22 अगस्त। कस्बा और क्षेत्र में पिछले कई दिनों से रुक-रुककर हो रही बारिश ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। खेतों में धान और गन्ने की फसल तैयार खड़ी है। बारिश के साथ तेज हवा चलने पर फसलों के धरती पर गिरने का खतरा किसानों को सताने लगा है।

क्षेत्रीय किसान ऊषा,कपिल, भोला,रोहतास ,नितिन, प्रदीप,जावेद अली, दीप कुमार, विकास कुमार, अतुल कुमार, घनश्याम, सुशील गौतम और राज सिंह आदि ने बताया कि खेतों में धान की फसल तैयार हो चुकी है। वहीं गन्ने की फसल भी तैयार खड़ी है। कई खेतों में गन्ने की लंबाई करीब आठ फीट तक पहुंच गई है। लगातार बारिश होने से खेतों में पानी भर गया है। ऐसे में थोड़ी सी तेज हवा चलने पर धान और गन्ने की फसल गिरने की आशंका बनी हुई है।किसानों का कहना है कि फसल के धरती पर गिरने से पैदावार प्रभावित होती है और कटाई में अतिरिक्त मजदूरी खर्च करनी पड़ती है। इससे किसानों को दोहरा नुकसान उठाना पड़ता है। बारिश का असर गन्ने की पेराई की तैयारियों पर भी पड़ रहा है। किसानों के अनुसार सितंबर में क्षेत्र में गन्ने की पेराई शुरू कर गुड़ बनाने का काम शुरू कर दिया जाता था। कोल्हू को पेराई के लिए तैयार करने में करीब एक माह का समय लगता है। सामान्य तौर पर 20 अगस्त के बाद कोल्हू लगाने का काम शुरू कर दिया जाता था, लेकिन लगातार बारिश के कारण तैयारियां प्रभावित हो रही हैं। किसानों का कहना है कि यदि बारिश का दौर इसी तरह जारी रहा तो गन्ने की पेराई और गुड़ बनाने का काम भी देरी से शुरू होगा। इससे किसान और मजदूर दोनों परेशान हैं।





