झबरेड़ा 3 मार्च। इकबालपुर स्थित शुगर मिल के कर्मचारियों के घरों में इस बार होली के रंग फीके नजर आ रहे हैं। पिछले 18 महीनों से वेतन न मिलने के कारण मिल परिसर में कर्मचारियों का धरना प्रदर्शन आज दो माह और चार दिन के बाद भी जारी है।

इकबालपुर शुगर मिल कर्मचारियों का कहना है कि खाली जेब कोई त्यौहार नहीं मनाया जाता, आर्थिक तंगी में अपने भी पराए हो जाते हैं। लगभग 300 कर्मचारी पिछले डेढ़ साल 18 माह से अपने हक की कमाई के लिए भटक रहे हैं। प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के हस्तक्षेप के बाद हाल ही में केवल एक माह का वेतन जारी किया गया, जिससे दुकानदार की पुरानी उधारी तक नहीं चुक पाई। संविदा कर्मियों को वह भी नसीब नहीं हुआ। वेतन न मिलने से बच्चों की पढ़ाई और परिजनों का स्वास्थ्य बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। मिल में इस बार गन्ने की पेराई का काम न होने से भविष्य और भी अंधकारमय नजर आ रहा है। डेढ़ साल से वेतन नहीं मिला है। एक महीने का वेतन तो ऊंट के मुंह में जीरा है। हमारी खुशियां गायब हो चुकी हैं और अब हम केवल आश्वासनों के भरोसे जीवित हैं। क्षेत्रीय विधायक वीरेंद्र जाति ने मिल की बिगड़ती स्थिति पर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि मिल में पेराई कार्य न होने से स्थिति और गंभीर हो गई है। विधायक ने आश्वासन दिया है कि आगामी विधानसभा सत्र में इकबालपुर शुगर मिल कर्मचारियों के वेतन भुगतान के मुद्दे को पुरजोर तरीके से उठाया जाएगा। इस अवसर पर धरना स्थल पर मुख्य रूप से महकार सिंह, सत्येंद्र कुमार, नाजिम अली, शेखी अहमद, शिव कुमार, गुलशन, मदन सिंह, प्रहलाद और राकेश कुमार सहित दर्जनों कर्मचारी उपस्थित रहे।





