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झबरेडा 11 मार्च। कस्बे और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में उस समय लोग अचरज में पड़ गए, जब चिलचिलाती धूप और गर्मी के बीच अचानक बेमौसम घना कोहरा छा गया। मार्च के महीने में जनवरी जैसी धुंध देख हर कोई हैरान रह गया। इस अचानक आए बदलाव से न केवल यातायात प्रभावित हुआ, बल्कि किसानों की चिंताएं भी बढ़ गई हैं।

बुधवार सुबह की शुरुआत कस्बा झबरेडा व ग्रामीण क्षेत्र में इतने घने कोहरे के साथ हुई कि सड़कों पर दृश्यता बेहद कम हो गई। सड़क पर चल रहे दो पहिया और चार पहिया वाहनों को अपनी हेडलाइट जलाकर रेंगने पर मजबूर होना पड़ा। घने कोहरे के कारण हादसों का डर बना रहा, जिससे वाहन चालकों को काफी धीमी गति से गंतव्य की ओर बढ़ना पड़ा। इस बेमौसम कोहरे का सबसे ज्यादा असर क्षेत्र के किसानों और मजदूरों पर पड़ा है। खेतों में काम करने जाने वाले किसान और मजदूर सुबह घर से नहीं निकल पाए। कोहरा इतना घना था कि सुबह 10:00 बजे के बाद ही स्थिति साफ हो पाई, जिसके बाद ही कृषि कार्य शुरू हो सके। क्षेत्रीय निवासियों और किसानों राजपाल सिंह, यशवीर सिंह, रोहित, भोला सिंह, विक्रम, बाबूराम आदि का कहना है कि मार्च के महीने में गर्मी शुरू होने के बाद अचानक ऐसा कोहरा पड़ना चिंताजनक है। किसानों के अनुसार, दिसंबर माह में बोई गई गेहूं की फसल इस समय पकने की ओर है। ऐसे में अचानक नमी और कोहरा छाने से फसल की गुणवत्ता और पैदावार पर बुरा असर पड़ना लगभग तय माना जा रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने मार्च के मध्य में ऐसा मौसम पहले कभी नहीं देखा। लोगों का कहना है कि सुबह के वक्त ऐसा आभास हो रहा था जैसे कड़कड़ाती ठंड वाली जनवरी लौट आई हो। अचानक हुई इस मौसमी हलचल ने तापमान में भी गिरावट दर्ज की है।





