Oplus_16908288
झबरेड़ा 23 अगस्त। उत्तराखंड के जनपद हरिद्वार के झबरेड़ा विधानसभा क्षेत्र में एसआईआर की प्रक्रिया को लेकर सियासी पारा गर्मा गया है। एक प्रेस वार्ता के दौरान बड़ा खुलासा करते हुए झबरेड़ा कांग्रेस विधायक वीरेंद्र जाती द्वारा आरोप लगाया गया है कि विधानसभा क्षेत्र झबरेड़ा में भारतीय जनता पार्टी के लोगों द्वारा फार्म-7 के माध्यम से मतदाताओं पर भारी आपत्तियां दर्ज कराई गई हैं।

विधानसभा झबरेड़ा कांग्रेस विधायक वीरेंद्र जाती ने प्रेस वार्ता कर आरोप लगाया कि इन आपत्तियों का एकमात्र उद्देश्य कांग्रेस पार्टी के समर्थकों को चिन्हित कर उनके वोट काटना है। इस प्रकार की हजारों आपत्तियां लगाकर सरेआम लोकतंत्र की हत्या का प्रयास किया जा रहा है। जांच करने पर सामने आया कि फॉर्म-7 का पूरा प्रारूप ऊपर से प्रिंट होकर आया है, जिसमें बीजेपी की उच्च स्तर की लॉबी ने बाकायदा लक्षित मतदाताओं के नाम, एपिक आईडी और पते तक प्रिंट करवाए हैं। प्रेस वार्ता में दावा किया गया कि इस षड्यंत्र में भाजपा के कई बूथ लेवल ऑफिसर्स को भी अंधेरे में रखा गया। कई बीएलओ को यह तक नहीं पता कि उनके नाम से आपत्तियां दर्ज कर दी गई हैं। उन्होंने बताया गया कि उनके पास बीजेपी के लगभग 53 बीएलओ के शपथ पत्रों की कॉपियां सुरक्षित हैं। इन शपथ पत्रों में बीएलओ ने स्पष्ट रूप से कहा है कि उन्होंने न तो कोई फॉर्म-7 भरा है और न ही वोट काटने के लिए कोई आवेदन किया है। उनके द्वारा स्पष्ट किया गया है कि बीएलओ की एपिक आईडी और फर्जी हस्ताक्षर का इस्तेमाल करके ये आपत्तियां लगाई गई हैं, जिन्हें तत्काल खारिज किया जाना चाहिए ताकि वैध मतदाताओं को अनावश्यक परेशानी न हो। संबंधित मामले को लेकर इलेक्शन कमीशन ऑफ उत्तराखंड, जिला निर्वाचन अधिकारी, ईआरओ, और मुख्य निर्वाचन अधिकारी देहरादून को पत्राचार कर सभी फर्जी शपथ पत्रों और आपत्तियों की सूची सौंप दी गई है। साथ ही मांग की गई है कि इन आपत्तियों को तत्काल प्रभाव से निरस्त किया जाए। वार्ता के दौरान ‘मैनुअल ऑफ इलेक्शन लॉज’ की बुकलेट के सेक्शन 18 और रूल 16 क्लॉज बी का हवाला देते हुए बताया गया कि यदि रजिस्ट्रेशन ऑफिसर इस बात से संतुष्ट है कि आपत्तियां गलत तरीके से और फर्जी दस्तावेजों या हस्ताक्षर से लगाई गई हैं, तो वह बिना किसी लंबी सुनवाई के भी इन्हें खारिज कर सकता है। झबरेड़ा विधानसभा क्षेत्र के कई गांवों में इस तरह की आपत्तियां सामने आई हैं, जिनमें प्रमुख गांव रहीमपुर, लाठरदेवा शेख, कोटवाल आलमपुर, हरजोली झोजा, कमेलपुर, नगला कुबड़ा,सरकड़ी, सीतलपुर, सालियर सालहापुर, माधोपुर हजरतखेड़ी, खाताखेड़ी, सोहलपुर गाड़ा,सफरपुर, शाहपुर, कुमराड़ी, अकबरपुर झोजा, इब्राहिमपुर देह, भगतोवाली, झबरेड़ा लगभग 8 बूथ ,कुरड़ी, गदरजुड्डा, थीथकी कवादपुर, पनियाला चंदापुर, उधलेडी, तासीपुर सहित लगभग 90% से अधिक मामलों में शपथ पत्र प्राप्त हो चुके हैं, जिससे यह स्पष्ट होता है कि अधिकांश स्थानों पर मतदाताओं के नाम पर झूठी आपत्तियां दर्ज कराई गई थीं।प्रेस वार्ता के अंत में दो टूक शब्दों में चेतावनी दी गई कि झबरेड़ा में लोकतंत्र के प्रहरी के रूप में कांग्रेस पूरी तरह मुस्तैद है। भाजपा चाहे जितना जोर लगा ले, किसी भी वैध मतदाता का वोट कटने नहीं दिया जाएगा। वोटर और वोट काटने वालों के बीच कांग्रेस पार्टी पूरी मजबूती से एक दीवार बनकर खड़ी है।





