झबरेड़ा 19 मार्च। कस्बा झबरेड़ा स्थित क्षेत्रीय गैस एजेंसी पर गुरुवार को उपभोक्ताओं का धैर्य जवाब दे गया। सरकार द्वारा गैस सिलेंडर रिफिल के लिए 25 दिन की समय सीमा का नया नियम लागू होते ही उपभोक्ताओं में हड़कंप मच गया, जिसके चलते सुबह 7:00 बजे से ही एजेंसी के बाहर महिलाओं और पुरुषों की लंबी कतारें लग गईं। दोपहर 1:00 बजे तक इंतजार करने के बाद भी आधे से अधिक लोगों को बिना सिलेंडर लिए ही मायूस होकर घर लौटना पड़ा।

झबरेड़ा कस्बे सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों जैसे कोटवाल आलमपुर, भक्तोंवाली, सुल्तानपुर, कुशालीपुर, शेरपुर खेलमऊ, सढ़ोली, खरकड़ी और साबतवाली आदि गाँवों की लगभग 50,000 की जनसंख्या इसी एकमात्र गैस एजेंसी पर निर्भर है। नए नियम के बाद मची अफरा-तफरी को नियंत्रित करने के लिए मौके पर पुलिस बल तैनात करना पड़ा ताकि शांति व्यवस्था बनी रहे। भीड़ और अव्यवस्था की सूचना मिलते ही नगर पंचायत अध्यक्ष किरण चौधरी गैस एजेंसी पहुंचे। उन्होंने एजेंसी संचालक और नोडल अधिकारी हर्षवर्धन रावत से तीखी वार्ता की। नगर पंचायत अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि गैस की कालाबाजारी किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने लाइन में लगे लोगों को आश्वस्त किया कि किसी भी समस्या पर वे सीधे उनसे संपर्क करें। नोडल अधिकारी हर्षवर्धन ने दावा किया कि गैस सिलेंडर की कोई कमी नहीं है और सभी को क्रमानुसार सिलेंडर दिए जा रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों से आए उपभोक्ता बाबूराम, नवीन कुमार, रोहित, नरेश और राजवीर सिंह ने रोष व्यक्त करते हुए कहा, हम सुबह 7:00 बजे से भूखे-प्यासे लाइन में लगे थे। दोपहर 1:00 बजे हमारा नंबर आने पर अचानक केवाईसी का बहाना बनाकर हमें खाली हाथ वापस भेज दिया गया। उपभोक्ताओं का आरोप है कि घंटों लाइन में लगने के बाद भी उन्हें बिना सूचना दिए लौटाया जा रहा है, जिससे समय और पैसे दोनों की बर्बादी हो रही है। वहीं कुछ लोगों का कहना है कि उनकी ऑनलाइन बुकिंग होने के बाद भी उनके घर गैस सिलेंडर समय पर नहीं पहुंच रहा है जिससे उन्हें काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।





