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झबरेड़ा, 8 अक्टूबर। सेवा संकल्प अभियान-2026 के तहत नगर पंचायत झबरेड़ा क्षेत्र में आयोजित बहुउद्देशीय शिविर में कई महत्वपूर्ण विभागों के अधिकारियों के नहीं पहुंचने पर लोगों और जनप्रतिनिधियों में आक्रोश फैल गया। कई विभागों के अधिकारियों के शिविर में मौजूद नहीं रहने पर लोगों ने अधिकारियों की कार्यशैली पर सवाल उठाए। समस्याओं के समाधान को लेकर इस दौरान आयोजकों और संबंधित पक्षों के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई।

गुरुवार को कस्बा झबरेडा में बहुउद्देशीय शिविर का उद्देश्य केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी पात्र लोगों तक पहुंचाना तथा विभिन्न विभागों से संबंधित समस्याओं का मौके पर समाधान करना था। इसके लिए अलग-अलग विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों को शिविर में उपस्थित रहना था। हालांकि, कई महत्वपूर्ण विभागों के अधिकारियों के नहीं पहुंचने से अपनी समस्याएं लेकर आए लोगों को निराश होना पड़ा। शिविर में नलकूप खंड, सिंचाई विभाग, जल संस्थान, आयुष्मान कार्ड, लोक निर्माण विभाग समेत कई विभागों के अधिकारियों के मौजूद नहीं होने पर लोगों ने नाराजगी जताई। लोगों का कहना था कि ग्रामीण दूर-दराज से अपनी समस्याएं लेकर शिविर में पहुंचे थे, लेकिन संबंधित विभाग के अधिकारी ही उपलब्ध नहीं हैं तो शिकायतों का समाधान कैसे होगा। शिविर में लगभग 25 समस्याएं आई थी। लोगों ने कहा कि बहुउद्देशीय शिविर का मकसद ही यह है कि विभिन्न विभागों से संबंधित समस्याओं का समाधान एक ही स्थान पर हो सके। इसके लिए लोगों को अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। यदि संबंधित अधिकारी शिविर में उपस्थित नहीं होंगे तो आयोजन का उद्देश्य ही प्रभावित होगा। शिविर में पहुंचे लोगों ने राशन कार्ड की हार्ड कॉपी जमा करने को लेकर समेत विभिन्न विभागों से संबंधित समस्याएं अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के सामने रखीं। लोगों ने कहा कि कई छोटी-छोटी समस्याओं के समाधान के लिए उन्हें कई बार विभागीय कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते हैं। इसी परेशानी को देखते हुए सरकार की ओर से बहुउद्देशीय शिविर आयोजित किए जाते हैं, लेकिन अधिकारियों की गैरमौजूदगी से लोगों की उम्मीदों को झटका लगा है। घंटों इंतजार करने के बाद ही लोग किसी समस्या के समाधान हुए बिना घर लौटे। जनप्रतिनिधि डॉ गौरव चौधरी ने भी अधिकारियों की गैरमौजूदगी पर नाराजगी जताते हुए कहा कि क्षेत्र में कई समस्याएं लंबे समय से लंबित हैं। दिसंबर में आचार संहिता लगने की संभावना के चलते विकास कार्यों और जनसमस्याओं का समय रहते निस्तारण जरूरी है। ऐसे में विभागीय अधिकारियों को शिविर में उपस्थित रहकर लोगों की समस्याएं सुननी चाहिए थीं। उन्होंने कहा कि सरकार की मंशा जनता को सरकारी योजनाओं का लाभ आसानी से उपलब्ध कराने और समस्याओं का त्वरित समाधान करने की है। इसके लिए आयोजित शिविर में यदि संबंधित विभागों के अधिकारी ही नहीं पहुंचेंगे तो आमजन को इसका अपेक्षित लाभ नहीं मिल पाएगा। जनप्रतिनिधियों और लोगों ने उच्चाधिकारियों से मामले का संज्ञान लेने तथा शिविर में अनुपस्थित रहने वाले अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगने की मांग की। उन्होंने कहा कि जिन अधिकारियों को शिविर में उपस्थित रहने के निर्देश दिए गए थे, उनकी गैरमौजूदगी की जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। साथ ही भविष्य में आयोजित होने वाले जनहित के शिविरों में सभी संबंधित विभागों की अनिवार्य उपस्थिति सुनिश्चित की जाए। लोगों ने नाराजगी जताते हुए कहा कि जनता की समस्याओं के समाधान के लिए आयोजित शिविर तभी सफल होंगे, जब संबंधित अधिकारी गंभीरता से लोगों की समस्याएं सुनें और उनके निस्तारण की कार्रवाई करें। शिविर में नायब तहसीलदार लेख चंद गुप्ता, विधायक वीरेंद्र जाती, दर्जाधारी शोभाराम प्रजापति, वैजयंती माला, नगर पंचायत अध्यक्ष किरण चौधरी, अधिशासी अधिकारी हर्षवर्धन रावत, डॉ. गौरव चौधरी, राजेंद्र सिंह, एसडीओ रिजवान, संदीप, संजीव सैनी, शुभम गोयल, मंजू, नेहा सागर, सुबोध सैनी, मंजू चौहान, सनोज कुमार, डॉ. कुणाल, डॉ. पूजा ,आनंद ,नरेंद्र सिंह और तनवीर सिंह समेत अन्य लोग मौजूद रहे।





