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झबरेड़ा, 1 अक्टूबर। कस्बा झबरेड़ा समेत आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में गुरुवार से गन्ना कोल्हुओं और क्रेशरों में गन्ने की पेराई शुरू हो गई। पेराई सत्र के पहले दिन गन्ने का भाव करीब 400 से 470 रुपये प्रति कुंतल तक रहा। गन्ना कोल्हू संचालित होने और गुड़ बनने का काम शुरू होने से किसानों ने राहत की सांस ली है। किसानों का कहना है कि अब वे अपनी सुविधा के अनुसार खेतों में खड़े गन्ने की कटाई कराकर कोल्हुओं पर डाल सकेंगे। इससे आगामी फसलों की बुआई भी समय से करने में मदद मिलेगी।

कस्बा झबरेड़ा के अलावा कोटवाल आलमपुर, भक्तोंवाली समेत कई गांवों में गन्ना कोल्हुओं में पेराई शुरू हो गई है। वहीं शेरपुर खेलमऊ स्थित गन्ना क्रेशर में भी गन्ने की पेराई का काम शुरू कर दिया गया है। कोल्हुओं में गन्ना पहुंचने के साथ ही गुड़ बनाने की प्रक्रिया भी शुरू हो गई है। किसानों का कहना है कि इस बार सितंबर में गन्ना कोल्हू संचालित नहीं होने से उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ा। खेतों में गन्ना खड़ा रहने के कारण जहां किसानों को आर्थिक दिक्कत हुई, वहीं पशुओं के लिए चारे की समस्या भी बनी रही। अब कोल्हू शुरू होने से किसान गन्ने की कटाई कराकर घरेलू जरूरतों के साथ पशुओं के लिए चारे की व्यवस्था भी कर सकेंगे। साथ ही गन्ने की कटाई के बाद खेतों में सरसों और बरसीम की बुआई समय से की जा सकेगी। किसानों ने क्षेत्रीय इकबालपुर चीनी मिल पर गन्ने का करीब 125 करोड़ रुपये बकाया होने का दावा किया है। किसानों का कहना है कि सरकार से लगातार भुगतान कराने की मांग की जा रही है, लेकिन अभी तक बकाया धनराशि नहीं मिलने से किसान आर्थिक परेशानी झेल रहे हैं। भारतीय किसान यूनियन क्रांति के अध्यक्ष विकास सैनी समेत किसानों ने सरकार से शीघ्र गन्ना भुगतान कराने की मांग की। किसानों और किसान नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि सरकार की ओर से गन्ना कोल्हुओं के संचालन में आगे किसी प्रकार की परेशानी खड़ी की गई या किसानों के हितों की अनदेखी हुई तो आगामी विधानसभा चुनाव में भाजपा का विरोध किया जाएगा। इस दौरान किसान सुधीर चौधरी, विकास सैनी, यशवीर सिंह, अश्वनी कुमार,कपिल, अभय , शिवाय ,रोहित कुमार, राजपाल सिंह, पप्पू, अहमद, बालू अहमद, फैजान अहमद, सीटू कुमार, जमशेद, सुलेमान मलिक आदि मौजूद रहे।





