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झबरेडा 17 मई। लाठरदेवा हुन स्थित असाही इंडिया ग्लास लिमिटेड और एआईएस कंज्यूमर ग्लास सॉल्यूशन के प्रबंधन,ठेकेदारों और श्रमिक पक्ष के बीच चल रहा विवाद आखिरकार सुलझ गया है। जिसमें सौहार्दपूर्ण माहौल में 17 प्रमुख बिंदुओं पर सहमति बन गई।

शनिवार को सभी पक्षों के बीच एक महत्वपूर्ण वार्ता आहूत की गई, जिसमें सौहार्दपूर्ण माहौल में 17 प्रमुख बिंदुओं पर सहमति बन गई। इस समझौते के अनुपालन के लिए प्रबंधन और श्रमिक दोनों पक्ष बाध्य रहेंगे। बैठक में स्थानीय विधायक वीरेंद्र जाती और श्रमिक प्रतिनिधियों वर्ष कुमार, शशांक, आशीष कुमार, ललित, शुभम राठौर, अक्षय कुमार आदि की मौजूदगी में यह समझौता पत्र तैयार किया गया। प्रतिष्ठान को गैर-इंजीनियरिंग उद्योग मानते हुए, उत्तराखंड राज्य की अधिसूचना के अनुसार सभी श्रमिकों को निर्धारित न्यूनतम मजदूरी और देय भत्तों का भुगतान किया जाएगा। वेतन का निर्धारण महीने के 26 दिनों के आधार पर होगा। कारखाने में कार्यरत सभी श्रमिकों को प्रत्येक कार्यदिवस में किए गए ओवरटाइम और घोषित अवकाश के दिन काम करने पर नियमानुसार दोगुनी दर से वेतन का भुगतान किया जाएगा। श्रमिकों को पक्का करने के लिए एक विशेष पॉलिसी बनाई जाएगी, जिसमें न्यूनतम सेवा योग्यता 5 वर्ष तय की गई है। इस कमेटी में नियोक्ता और संविदा श्रमिक दोनों शामिल होंगे, जो 01 जून 2026 से प्रभावी होगी। श्रमिकों की कार्यदक्षता के आधार पर आंतरिक कमेटी यह निर्णय लेगी कि जो श्रमिक अर्धकुशल श्रेणी में हैं, उन्हें कुशल या उच्च कुशल में परिवर्तित किया जाए। इसके साथ ही कार्यक्षमता के आधार पर वार्षिक वेतन वृद्धि भी दी जाएगी। सभी श्रमिकों को अनिवार्य रूप से वेतन परिचय पत्र/नियुक्ति पत्र दिया जाएगा और नियमानुसार उनका उचित चिकित्सा सुविधा कराया जाएगा। किसी भी आपातकालीन स्थिति में श्रमिकों को दो गेट पास दिए जाएंगे। धरने और प्रदर्शन में शामिल रहे किसी भी श्रमिक की सेवा समाप्त नहीं की जाएगी और न ही उनका वेतन काटा जाएगा। इसके अलावा, आकस्मिक परिस्थिति में बुलाए जाने पर यदि किसी कारणवश श्रमिक को घर वापस भेजा जाता है, तो भी उसे उस दिन का पूरा वेतन मिलेगा। कैंटीन में भोजन का समय रोटेशन के आधार पर होगा और भोजन की गुणवत्ता बढ़ाई जाएगी, जिसकी जांच श्रमिक प्रतिनिधि समय-समय पर करेंगे। किसी भी श्रमिक के साथ दुर्व्यवहार या अभद्रता करने वाले कर्मचारी या अधिकारी के खिलाफ कमेटी द्वारा सख्त कार्रवाई की जाएगी। समझौते में स्पष्ट किया गया है कि यदि कोई श्रमिक बिना किसी पूर्व सूचना के लगातार काम से अनुपस्थित रहता है, तो उसके खिलाफ नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। यह सभी निर्णय सभी पक्षों पर समान रूप से लागू होंगे। इस समझौते के बाद श्रमिकों में खुशी की लहर है और कारखाने में कामकाज सुचारू रूप से शुरू होने का रास्ता साफ हो गया है।





