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झबरेड़ा, 17 सितंबर। इकबालपुर स्थित लक्ष्मी शुगर मिल परिसर में बुधवार को भारतीय किसान यूनियन क्रांति की सभा आयोजित हुई। सभा को संबोधित करते हुए यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष विकास सैनी ने आरोप लगाया कि उत्तराखंड सरकार किसानों की समस्याओं के समाधान को लेकर गंभीरता नहीं दिखा रही है। उन्होंने दावा किया कि इकबालपुर शुगर मिल पर क्षेत्रीय किसानों का करीब 130 करोड़ रुपये और हरियाणा के किसानों का करीब 40 करोड़ रुपये गन्ना भुगतान बकाया है।

विकास सैनी ने कहा कि यूनियन के अनुसार किसानों का करीब चार वर्ष का गन्ना भुगतान लंबित है। उन्होंने बताया कि भुगतान कराने की मांग को लेकर किसान कई बार शासन-प्रशासन के अधिकारियों से मांग कर चुके हैं, लेकिन अभी तक समस्या का समाधान नहीं हुआ है। उन्होंने सरकार से किसानों के बकाया गन्ना मूल्य का जल्द भुगतान कराने की मांग की। उन्होंने मांग रखी कि इसी पेराई सत्र में इकबालपुर शुगर मिल को सरकार द्वारा संचालित कराया जाए, ताकि क्षेत्रीय किसान अपना गन्ना मिल में डाल सकें। इसके अलावा उन्होंने उत्तर प्रदेश की तर्ज पर उत्तराखंड में स्मार्ट मीटर नहीं लगाए जाने की घोषणा करने तथा किसानों के नलकूपों की बिजली निशुल्क करने की मांग की। विकास सैनी ने यह भी कहा कि उनके संगठन की मांग है कि उत्तराखंड में मैदान और पहाड़ के आधार पर अलग-अलग नियम लागू करने के बजाय समान नियम लागू किए जाएं। उन्होंने हरिद्वार जिले को केंद्र शासित प्रदेश बनाने का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजने की मांग भी रखी। उन्होंने बताया कि भारतीय किसान यूनियन क्रांति की ओर से इन मांगों को लेकर 24 सितंबर को देहरादून में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के आवास का घेराव किया जाएगा। उन्होंने किसानों से अधिक से अधिक संख्या में देहरादून पहुंचने का आह्वान भी किया। सभा में राष्ट्रीय उपाध्यक्ष विनोद प्रजापति, राष्ट्रीय प्रभारी कर्मवीर सिंह, राष्ट्रीय महामंत्री सिकंदर सैनी, प्रदेश अध्यक्ष यूनुस प्रधान, अनिल चौधरी, अरविंद पाल, बिजेंद्र गिरी, डॉ. तौफीक अहमद, राम सिंह, अजय वर्मा, पंकज सैनी, नीटू राम सैनी आदि मौजूद रहे।





