झबरेड़ा, 17 जुलाई। कस्बा सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में विद्युत व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। गुरुवार रात से लेकर शुक्रवार तक लगातार कई घंटों तक बिजली गुल रहने से लगभग 50 हजार की आबादी को भीषण गर्मी में नारकीय जीवन जीने को मजबूर होना पड़ा। लगातार कटौती से नाराज कस्बा व ग्रामीणों में ऊर्जा निगम के अधिकारियों के प्रति भारी रोष व्याप्त है।

कस्बा झबरेडा निवासी संजीव कुमार, कुलदीप सिंह, चौधरी बिरम सिंह, अतुल जैन, यशवीर सिंह, भोला सिंह, जमशेद मलिक, गुलाब सिंह और डॉ. जोध सिंह वर्मा, अमित, सौरभ आदि ने बताया कि गुरुवार रात ठीक 12:00 बजे बिजली चली गई, जो सुबह 7:00 बजे तक लगातार 7 घंटे गायब रही। रातभर बिजली न आने से घरों में लगे इनवर्टर भी जवाब दे गए, जिससे लोगों की पूरी रात आंखों ही आंखों में कटी। उमस और भीषण गर्मी से तंग आकर लोग बच्चों समेत अपने घरों की छतों पर चले गए, लेकिन वहां भी मच्छरों के प्रकोप और उमस ने उन्हें सोने नहीं दिया। शुक्रवार सुबह 7:00 बजे जब बिजली आई, तो लोगों को उम्मीद थी कि अब राहत मिलेगी। लेकिन महज एक घंटे बाद ही सुबह 8:00 बजे बिजली फिर से गुल हो गई, जो अगले 4 घंटे यानी सुबह 11:00 बजे तक बंद रही। लगातार कई घंटे बिजली न होने के कारण सुबह के समय पानी की टंकियों में पानी नहीं चढ़ पाया। इससे घरों में पानी की भारी किल्लत हो गई और लोगों के दैनिक व आवश्यक कार्य पूरी तरह ठप हो गए। विद्युत आपूर्ति न होने से कस्बा झबरेड़ा,गांव भक्तोंवाली,साबतवाली,खड़खड़ी दयाला,खजूरी,माजरा,कोटवाल आलमपुर,शीतलपुर,कुशालीपुर, सढोली आदि प्रभावित रहे।इन सभी गांवों के हजारों लोग इस भीषण गर्मी में बिना बिजली-पानी के बिलबिला उठे। शुक्रवार को पूरे दिन भी बिजली की ‘आंख-मिचौनी’ का सिलसिला बदस्तूर जारी रहा। विद्युत सब-स्टेशन, झबरेड़ा अवर अभियंता अशोक कुमार का कहना है कि विद्युत सब-स्टेशन पर मशीन खराब हो जाने के कारण बिजली की आपूर्ति बाधित हुई थी। खराबी को दुरुस्त करने के प्रयास किए गए, जिसके बाद ही आपूर्ति बहाल हो सकी।





