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झबरेड़ा 25 अप्रैल। झबरेड़ा कस्बे के मुख्य मार्ग पर ओवरलोड वाहनों के कारण यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। आए दिन लग रहे लंबे जाम की वजह से न केवल स्थानीय व्यापारियों का व्यापार प्रभावित हो रहा है, बल्कि आम राहगीरों और स्कूली बच्चों को भी भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

झबरेडा कस्बे के मुख्य मार्ग पर गन्ने की खोई से लदी ट्रैक्टर-ट्रॉलियों और बड़े ट्रकों की आवाजाही इतनी बढ़ गई है कि दो वाहनों का एक साथ निकलना दूभर हो गया है। तस्वीर में स्पष्ट देखा जा सकता है कि एक महिंद्रा ट्रैक्टर, जो गन्ने की भारी खोई ओवरलोड लेकर जा रहा है, और विपरीत दिशा से आ रहे एक टाटा ट्रक के बीच महज कुछ इंच का फासला बचा है। ऐसे में सड़क पर पैदल चलने वालों और दोपहिया वाहनों के लिए जगह ही नहीं बचती। ऊंचे-ऊंचे गन्ने की खोई से लदे वाहन बिजली के तारों को छूने का डर पैदा करते हैं, जिससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। सड़क के दोनों ओर रेहड़ी-पटरी और दुकानों के बाहर रखे सामान के कारण सड़क पहले ही संकरी हो चुकी है। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि पुलिस और प्रशासन जाम खुलवाने के लिए कोई ठोस योजना नहीं बना रहे हैं। सुबह और शाम में स्थिति और भी बदतर हो जाती है। स्थानीय निवासी और व्यापारियों ने प्रशासन से मांग की है कि भारी वाहनों के लिए कस्बे के बाहर से बायपास की व्यवस्था की जाए। बाजार क्षेत्र में भारी वाहनों के प्रवेश के लिए समय सीमा निर्धारित की जाए। सड़क किनारे से अतिक्रमण हटाया जाए ताकि यातायात सुगम हो सके। स्थानीय प्रदीप ,कुलदीप ,बिरम सिंह, डॉक्टर जोध सिंह, अवनीश, प्रमोद, अक्षय, जावेद ,आदित्य ,सौरभ ,अनुज आदि का कहना है कि रोजाना जाम के कारण हमारी अपनी दुकानों तक ग्राहक नहीं पहुंच पाता जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। यदि कोई एम्बुलेंस इस जाम में फंस जाए, तो स्थिति गंभीर हो सकती है।





