झबरेड़ा 29 मई। कस्बा व आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में गुरुवार की रात मौसम का मिजाज अचानक बदल गया। हल्की बारिश के साथ आई तेज आंधी ने क्षेत्र में जमकर तबाही मचाई। आंधी की रफ्तार इतनी तेज थी कि किसानों के खेतों में खड़े कई कीमती पेड़ धराशाई हो गए, जिससे उन्हें हजारों रुपये का आर्थिक नुकसान झेलना पड़ा है। इसके साथ ही क्षेत्र की बिजली व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई और लोगों को करीब 16 घंटे तक बिना बिजली के रहना पड़ा।

गुरुवार की रात तेज आंधी तूफान के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों के खेतों में खड़े पॉपुलर, जामुन और आम के कई विशालकाय पेड़ या तो जड़ से उखड़ गए या बीच में से टूटकर जमीन पर आ गिरे। आम के बागों में भी भारी मात्रा में फसल टूटकर नीचे गिर गई, जिससे बागवानों को बड़ा झटका लगा है। पीड़ित किसान यशवीर सिंह, कुलदीप, असलम, मेहरबान, भोला सिंह और राजवीर सिंह आदि ने अपना दर्द बयां करते हुए कहा कि आंधी के कारण हमारे पॉपुलर और जामुन के पेड़ टूटकर गिर गए। अब मजबूरी में हमें इन लकड़ियों को बेहद कम दामों पर लकड़ी व्यापारियों को बेचना पड़ रहा है, जिससे हमें भारी घाटा हुआ है। गुरुवार की रात करीब 10:30 बजे जैसे ही तेज हवा और बारिश का सिलसिला शुरू हुआ, वैसे ही पूरे क्षेत्र की बत्ती गुल हो गई। इसके बाद शुक्रवार दोपहर को जाकर करीब 16 घंटे बाद विद्युत आपूर्ति बहाल हो सकी। हालांकि, इसके बाद भी उपभोक्ताओं को राहत नहीं मिली और पूरे दिन बिजली की आंख-मिचौली का खेल चलता रहा, जिससे उमस भरी गर्मी में लोग बेहाल नजर आए। इस संबंध में ऊर्जा निगम के एसडीओ रिजवान अली ने बताया कि तेज आंधी के कारण कई स्थानों पर बिजली की मुख्य लाइनों पर पेड़ टूटकर गिर गए थे। इस वजह से विद्युत लाइनें कई जगह से क्षतिग्रस्त हो गईं। फॉल्ट को ढूंढने और लाइनों को दुरुस्त करने में निगम की टीम रात से ही जुटी हुई थी, जिसके कारण आपूर्ति बहाल करने में काफी समय लग गया। जबकि कुछ क्षेत्र में विद्युत आपूर्ति समय से सुचारू कर दी गई थी।





