झबरेड़ा 16 जून। देवभूमि इंडस्ट्रियल एस्टेट स्थित टाइटन इंडस्ट्रीज लिमिटेड के श्रमिकों ने कंपनी प्रबंधन पर गैर-कानूनी तरीके से काम से निकालने और छंटनी करने का गंभीर आरोप लगाया है। इस संबंध में आरती, अन्नू, ज्योति व अन्य पीड़ित कर्मचारियों ने संयुक्त मजिस्ट्रेट रुड़की को एक मांग पत्र सौंपकर न्याय की गुहार लगाने के बाद कम्पनी के बाहर धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया है

कर्मचारियों द्वारा ज्वाइंट मजिस्ट्रेट रुड़की तथा अन्य अधिकारियों को सौंपे गए पत्र में बताया कि कंपनी प्रबंधन ने बिना किसी पूर्व सूचना या नोटिस के कर्मचारियों को नौकरी से बाहर का रास्ता दिखा दिया। श्रमिकों का कहना है कि पूर्व में उन्हें आश्वासन दिया गया था कि एक महीने बाद दोबारा काम पर रख लिया जाएगा, लेकिन पिछले सात महीनों से उन्हें लगातार गुमराह किया जा रहा है और काम पर वापस नहीं लिया गया। पीड़ितों ने बताया कि इस मामले को लेकर पूर्व में उपश्रम आयुक्त, हरिद्वार के समक्ष याचिका भी प्रस्तुत की गई थी। इसके बाद 15 जून 2026 को जब कर्मचारी पुनः अपनी ड्यूटी पर बहाल होने के लिए कंपनी पहुंचे, तो प्रबंधन ने उनके साथ वादाखिलाफ़ी करते हुए उन्हें काम पर रखने से साफ इनकार कर दिया और गेट से बाहर कर दिया।श्रमिकों का आरोप है कि कंपनी के इस अड़ियल और तानाशाही रवैये के कारण उनके सामने गंभीर आर्थिक संकट और भुखमरी की स्थिति पैदा हो गई है। अधिकारियों के स्तर पर भी उनकी कोई सुनवाई नहीं हो रही है। कर्मचारियों ने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि उन्हें और उनके अन्य हटाए गए साथियों को तुरंत ड्यूटी पर बहाल नहीं किया गया, तो वे 16 जून 2026 से कंपनी के मुख्य गेट पर अनिश्चितकालीन धरना देने के लिए मजबूर होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी कंपनी प्रबंधन की होगी। भेजे गए पत्र के आधार पर कंपनी श्रमिकों ने मंगलवार को कंपनी के गेट के बाहर धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया है।





