झबरेड़ा, 10 जुलाई। लगातार हो रही भारी बारिश के बीच झबरेड़ा-गुरुकुल मार्ग व झबरेड़ा मंगलौर मार्ग पर बना रेलवे अंडरपास स्थानीय कस्बा व क्षेत्र के लोगों के लिए बड़ी मुसीबत बन गया है। अंडरपास में 4 फीट से भी अधिक पानी भर जाने के कारण यहाँ से आवाजाही लगभग पूरी तरह ठप हो गई है। इसके चलते लोगों को अपने गंतव्य तक पहुँचने के लिए करीब 10 किलोमीटर लंबे वैकल्पिक रास्ते का चक्कर काटना पड़ रहा है।रुड़की से झबरेड़ा होते हुए देवबंद जाने वाली रेलवे लाइन के नीचे बने अंडरपास को लेकर स्थानीय निवासियों में भारी आक्रोश है।

क्षेत्रीय नागरिक राजवीर सिंह, डॉक्टर जोध सिंह, इंद्रेश कुमार, मुकेश कुमार, गुलाब सिंह, अफजाल अली, मुमताज, मुनव्वर हुसैन, अनुज,सौरभ और अमित आदि का कहना है कि जलभराव के कारण अंडरपास से निकलना जान जोखिम में डालने जैसा है। ग्रामीणों ने बताया कि यदि कोई कार चालक हिम्मत दिखाकर पानी के बीच से निकलने का प्रयास करता है, तो उसकी कार के इंजन में पानी भर जाता है और गाड़ी बीच में ही बंद हो जाती है। इस वजह से लोगों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। मजबूरन बाइक और कार सवारों को लंबा रास्ता तय करना पड़ रहा है, जिससे समय और पेट्रोल दोनों की बर्बादी हो रही है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि जब इस रेलवे लाइन का निर्माण हो रहा था, तब कस्बे और आसपास के ग्रामीणों ने एक अंडरपास को सड़क के समतल लेवल में बनाने की मांग को लेकर कई बार धरना-प्रदर्शन किया था। लेकिन रेलवे विभाग ने जनता की जायज मांग को नजरअंदाज कर अपनी मनमानी की और अंडरपास को गहराई में बना दिया।ग्रामीणों का कहना है: “रेलवे विभाग की इसी लापरवाही और अदूरदर्शिता का खामियाजा आज क्षेत्र के हजारों दैनिक यात्रियों और ग्रामीणों को भुगतना पड़ रहा है। हर बार बारिश में यह रास्ता तालाब बन जाता है।” स्थानीय जनता ने प्रशासन और रेलवे विभाग से इस समस्या का जल्द से जल्द कोई स्थायी समाधान निकालने और अंडरपास से पानी निकासी की उचित व्यवस्था करने की मांग की है।





