झबरेडा, 14 जुलाई। थाना क्षेत्र अंतर्गत गांव में घर में घुसकर मारपीट और जानलेवा हमले के मामले में कोर्ट के आदेश के बाद पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है। स्थानीय पुलिस और उच्चाधिकारियों द्वारा सुनवाई न किए जाने से पीड़ित ने न्यायालय से गुहार लगाई थी।

कोतवाली झबरेड़ा क्षेत्र के गांव कोटवाल आलमपुर निवासी मुस्तफा उर्फ बालू ने न्यायालय में एक प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया था। प्रार्थना पत्र में मुस्तफा ने आरोप लगाया कि गांव के ही कुछ लोग उनसे पुरानी रंजिश रखते हैं। बीती 28 मई को दोपहर करीब 12 बजे आरोपित सरफराज उर्फ फाज्जा, शौकीन, दानिश और जरीना बंगलो एकराय होकर जबरन पीड़ित के घर में घुस आए। आरोपितो ने गाली-गलौज करते हुए मुस्तफा के भाई अहसान पर जान से मारने की नीयत से हमला कर दिया। हमले में अहसान को अत्यंत गंभीर चोटें आईं। शोर-शराबा सुनकर जब मौके पर ग्रामीणों की भीड़ जुटने लगी, तो आरोपित जान से मारने की धमकी देते हुए वहां से फरार हो गए। लहूलुहान हालत में अहसान को सरकारी अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे प्राथमिक उपचार के बाद हायर सेंटर के लिए रेफर कर दिया था। पीड़ित मुस्तफा का आरोप है कि उन्होंने घटना के दिन 28 मई को थाना झबरेड़ा में लिखित शिकायती पत्र दिया था, लेकिन पुलिस ने कोई कानूनी कार्रवाई नहीं की। इसके बाद पीड़ित ने 29 मई को एसएसपी हरिद्वार को भी पंजीकृत डाक के माध्यम से मेडिकल रिपोर्ट के साथ प्रार्थना पत्र प्रेषित किया। बावजूद इसके, जब पुलिस ने मुकदमा दर्ज नहीं किया,पीड़ित द्वारा कोर्ट में डाक रसीद, मेडिकल रिपोर्ट और पहचान पत्र सहित पुख्ता सबूत पेश किए गए। मामले की गंभीरता और संज्ञेय अपराध की प्रकृति को देखते हुए न्यायालय ने कोतवाल झबरेड़ा को तत्काल मुकदमा दर्ज कर विवेचना करने के आदेश दिए। अदालत के कड़े रुख के बाद झबरेड़ा पुलिस ने कोर्ट के आदेश का अनुपालन करते हुए तहरीर के आधार पर आरोपितो के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा पंजीकृत कर लिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है।





